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महिलाओं में खून की कमी के कारण: बार-बार होने वाली समस्या क्यों?

महिलाओं में खून की कमी के कारण

भारत में महिलाओं से जुड़ी सबसे आम स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है खून की कमी, जिसे मेडिकल भाषा में एनीमिया कहा जाता है। बहुत-सी महिलाएँ थकान, चक्कर या कमजोरी को सामान्य मानकर अनदेखा कर देती हैं। लेकिन जब यह समस्या बार-बार होने लगे, तो यह समझना ज़रूरी हो जाता है कि महिलाओं में खून की कमी के कारण क्या हैं और इसे समय पर क्यों पहचानना चाहिए।

खून की कमी तब होती है जब शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर कम हो जाता है। हीमोग्लोबिन शरीर के हर हिस्से तक ऑक्सीजन पहुँचाने का काम करता है। जब यह कम होता है, तो पूरा शरीर धीरे-धीरे कमजोर होने लगता है।

महिलाओं में खून की कमी ज्यादा क्यों पाई जाती है?

पुरुषों की तुलना में महिलाओं के शरीर में हार्मोनल बदलाव, मासिक धर्म, गर्भावस्था और पोषण से जुड़ी ज़रूरतें अलग होती हैं। यही वजह है कि महिलाओं में खून की कमी के कारण कई होते हैं और यह समस्या बार-बार लौट आती है।

1. मासिक धर्म के दौरान अधिक रक्तस्राव

महिलाओं में हर महीने पीरियड्स के दौरान खून का नुकसान होता है। अगर पीरियड्स ज्यादा दिनों तक चलें या बहुत ज्यादा ब्लीडिंग हो, तो शरीर उस खून की भरपाई नहीं कर पाता।
लंबे समय तक ऐसा होने से हीमोग्लोबिन का स्तर गिरता चला जाता है। यह महिलाओं में खून की कमी के कारण में सबसे आम वजह मानी जाती है।

2. आयरन की कमी वाला भोजन

कई महिलाएँ अपने खान-पान में आयरन युक्त भोजन को पर्याप्त महत्व नहीं देतीं। हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ, दालें, चुकंदर, गुड़ और सूखे मेवे कम मात्रा में लेने से शरीर में आयरन की कमी हो जाती है।
यही कारण है कि महिलाओं में खून की कमी के कारण में गलत आहार एक बड़ी भूमिका निभाता है।

3. गर्भावस्था और डिलीवरी के बाद पोषण की कमी

प्रेग्नेंसी के दौरान महिला के शरीर को अतिरिक्त आयरन और पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। डिलीवरी के बाद भी शरीर को रिकवरी के लिए पर्याप्त पोषण चाहिए।
अगर इस समय सही डाइट और सप्लीमेंट्स न लिए जाएँ, तो खून की कमी बनी रह सकती है या बढ़ भी सकती है।

4. बार-बार गर्भधारण

कम अंतराल में बार-बार प्रेग्नेंसी होने से शरीर को खुद को ठीक करने का समय नहीं मिल पाता। इससे आयरन स्टोर्स खत्म हो जाते हैं और एनीमिया बार-बार हो सकता है। यह भी महिलाओं में खून की कमी के कारण में एक अहम वजह है।

5. पाचन संबंधी समस्याएँ

अगर पाचन तंत्र सही से काम नहीं कर रहा, तो शरीर भोजन से आयरन और अन्य पोषक तत्वों को ठीक से अवशोषित नहीं कर पाता।
गैस, एसिडिटी, आंतों की समस्या या बार-बार दस्त जैसी स्थितियाँ भी खून की कमी को बढ़ा सकती हैं।

6. थायरॉइड और हार्मोनल असंतुलन

थायरॉइड और अन्य हार्मोनल समस्याओं में मेटाबॉलिज्म प्रभावित होता है। इससे शरीर आयरन का सही उपयोग नहीं कर पाता और खून की कमी बनी रहती है।
इसलिए हार्मोनल जांच भी महिलाओं में खून की कमी के कारण समझने में मदद करती है।

खून की कमी के सामान्य लक्षण

अक्सर महिलाएँ इन लक्षणों को मामूली समझ लेती हैं:

  • लगातार थकान
  • चक्कर आना
  • सांस फूलना
  • त्वचा का पीला पड़ना
  • बालों का झड़ना
  • दिल की धड़कन तेज होना

ये संकेत बताते हैं कि शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल रही।

लंबे समय तक खून की कमी के खतरे

अगर खून की कमी लंबे समय तक बनी रहे, तो इससे:

  • इम्युनिटी कमजोर हो जाती है
  • गर्भावस्था में जटिलताएँ बढ़ती हैं
  • काम करने की क्षमता कम होती है
  • दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है

इसलिए महिलाओं में खून की कमी के कारण को समय पर पहचानना बेहद ज़रूरी है।

खून की कमी से बचाव के उपाय
  • आयरन युक्त भोजन नियमित रूप से लें
  • विटामिन C के साथ आयरन लें ताकि अवशोषण बेहतर हो
  • डॉक्टर की सलाह से आयरन सप्लीमेंट लें
  • पीरियड्स में अत्यधिक ब्लीडिंग को नज़रअंदाज़ न करें
  •  समय समय पर ब्लड टेस्ट कराएँ
कब डॉक्टर से संपर्क करें?

अगर आपको बार-बार कमजोरी, चक्कर, सांस फूलना या रिपोर्ट में हीमोग्लोबिन कम आता है, तो इसे सामान्य न समझें।

Ganpati Healthcare – महिला स्वास्थ्य विभाग में महिलाओं से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं की सही जांच, मार्गदर्शन और समय पर देखभाल उपलब्ध है।

निष्कर्ष

खून की कमी कोई छोटी समस्या नहीं है, खासकर जब यह बार-बार हो रही हो। अब जब आप समझ चुके हैं कि महिलाओं में खून की कमी के कारण क्या हैं, तो ज़रूरी है कि समय पर जांच कराकर सही कदम उठाए जाएँ।

सही पोषण, नियमित जांच और जागरूकता—यही स्वस्थ महिला जीवन की नींव है।

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