आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में स्ट्रोक यानी ब्रेन अटैक एक गंभीर और बढ़ती हुई समस्या बन गई है। यह तब होता है जब दिमाग के किसी हिस्से में रक्त प्रवाह रुक जाता है या अचानक फट जाता है, जिससे मस्तिष्क की कोशिकाएं मरने लगती हैं।
स्ट्रोक के संकेत को पहचानना और तुरंत इलाज शुरू करना जीवन बचाने में सबसे अहम कदम होता है।
गणपति हेल्थकेयर, टोहाना में अनुभवी न्यूरोलॉजिस्ट्स और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम स्ट्रोक के मरीजों को तुरंत और प्रभावी उपचार प्रदान करती है।
1. स्ट्रोक क्या होता है
स्ट्रोक एक ऐसी स्थिति है जब दिमाग को पर्याप्त रक्त और ऑक्सीजन नहीं मिलती। यह दो प्रकार का होता है:
- इस्कीमिक स्ट्रोक (Ischemic Stroke) – जब खून की नली में रुकावट आ जाती है
- हेमरेजिक स्ट्रोक (Hemorrhagic Stroke) – जब दिमाग की रक्त नली फट जाती है।
दोनों ही स्थितियों में मस्तिष्क की कोशिकाएं क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। इसलिए स्ट्रोक के संकेत को समझना और तुरंत कार्रवाई करना बेहद जरूरी है।
2. स्ट्रोक के प्रमुख संकेत
स्ट्रोक के संकेत अचानक प्रकट होते हैं और इन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। प्रमुख लक्षणों में शामिल हैं:
- चेहरे या शरीर के एक हिस्से में अचानक सुन्नपन या कमजोरी
- बोलने या समझने में परेशानी
- आंखों की दृष्टि धुंधली होना
- चलने में कठिनाई या संतुलन खोना
- तेज सिरदर्द, बिना किसी कारण
यदि इनमें से कोई भी लक्षण दिखे, तो यह स्ट्रोक का शुरुआती संकेत हो सकता है।
गणपति हेल्थकेयर, टोहाना में ऐसी स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध है, जिससे मरीज की जान और मस्तिष्क दोनों को बचाया जा सकता है।
3. समय पर इलाज क्यों जरूरी है
स्ट्रोक के हर मिनट में लगभग 19 लाख मस्तिष्क कोशिकाएं मरती हैं।
यानी जितनी जल्दी इलाज शुरू होगा, उतनी ज्यादा रिकवरी की संभावना होती है।
- पहले 3 से 4.5 घंटे को “गोल्डन पीरियड” कहा जाता है।
- इस समय के भीतर मरीज को अस्पताल ले जाने पर मस्तिष्क को स्थायी नुकसान से बचाया जा सकता है।
गणपति हेल्थकेयर, टोहाना में 24×7 न्यूरो इमरजेंसी सुविधा उपलब्ध है, जहां स्ट्रोक के मरीजों को तुरंत स्कैन, डायग्नोसिस और उपचार दिया जाता है।
4. स्ट्रोक के कारण
स्ट्रोक के पीछे कई कारण हो सकते हैं:
- ब्लड प्रेशर का बढ़ना
- डायबिटीज
- कोलेस्ट्रॉल का स्तर अधिक होना
- धूम्रपान और शराब का सेवन
- मोटापा और व्यायाम की कमी
- असंतुलित खान-पान
इन जोखिमों को कम करने के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना आवश्यक है।
गणपति हेल्थकेयर, टोहाना में हर मरीज को व्यक्तिगत रूप से जांचकर उसके जोखिम कारकों के अनुसार रोकथाम के उपाय बताए जाते हैं।
5. स्ट्रोक से बचाव कैसे करें
स्ट्रोक से बचाव पूरी तरह संभव है अगर आप कुछ स्वस्थ आदतें अपनाते हैं:
- रोज़ाना 30 मिनट टहलने या योग करने की आदत डालें।
- नमक और तले हुए भोजन का सेवन कम करें।
- धूम्रपान और शराब से दूर रहें।
- ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की नियमित जांच कराते रहें।
- पर्याप्त नींद लें और तनाव से बचें।
गणपति हेल्थकेयर, टोहाना में स्ट्रोक से बचाव के लिए हेल्थ चेकअप पैकेज और काउंसलिंग सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।
6. स्ट्रोक के बाद पुनर्वास (Rehabilitation)
अगर किसी व्यक्ति को स्ट्रोक हो चुका है, तो जल्दी रिकवरी के लिए न्यूरो रिहैबिलिटेशन बहुत जरूरी होता है।
इसमें फिजियोथेरेपी, स्पीच थेरेपी और ऑक्यूपेशनल थेरेपी शामिल होती हैं।
गणपति हेल्थकेयर, टोहाना में विशेषज्ञ टीम मरीजों को दोबारा चलने, बोलने और दैनिक कार्यों में स्वतंत्र बनने में मदद करती है।
निष्कर्ष
स्ट्रोक के संकेत को अनदेखा करना खतरनाक हो सकता है। हर सेकंड मस्तिष्क के लिए कीमती है।
अगर किसी व्यक्ति को अचानक शरीर में कमजोरी, बोलने में कठिनाई या चेहरा टेढ़ा दिखे, तो तुरंत उसे गणपति हेल्थकेयर, टोहाना लेकर जाएं।
यहां उपलब्ध आधुनिक तकनीक और अनुभवी डॉक्टरों की टीम समय पर उपचार देकर जीवन बचाने में मदद करती है।
याद रखें – स्ट्रोक के संकेत को पहचानना और समय पर इलाज कराना ही स्वस्थ जीवन की सबसे पहली सीढ़ी है।

