आज के समय में 25–35 वर्ष की महिलाओं में PCOD तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है। पहले यह समस्या कम उम्र की लड़कियों या शादी के बाद की महिलाओं में अधिक दिखती थी, लेकिन अब कार्यशील आयु वर्ग की महिलाओं में यह अत्यधिक सामान्य हो रही है। बदलती जीवनशैली, तनाव, खराब खानपान और हार्मोनल असंतुलन इसके प्रमुख कारण हैं।
ऐसे में सही जांच और विशेषज्ञ देखभाल जैसे टोहाना में PCOD ट्रीटमेंट और गणपति अस्पताल में उपलब्ध विशेषज्ञ सेवाएं महिलाओं के लिए बेहद आवश्यक होती जा रही हैं।
1. तनाव और तेज जीवनशैली का प्रभाव
आज की युवा महिलाएं नौकरी, पढ़ाई, परिवार और करियर इन सब के बीच लगातार तनाव में रहती हैं। तनाव हार्मोनल संतुलन को सीधे प्रभावित करता है। विशेष रूप से कॉर्टिसोल और इंसुलिन हार्मोन बढ़ने पर ओवरीज अधिक पुरुष हार्मोन बनाने लगती हैं, जिससे PCOD विकसित हो जाता है।
ऐसे मामलों में मरीजों को लाइफस्टाइल मैनेजमेंट और सही मेडिकल गाइडेंस की आवश्यकता होती है, जैसा टोहाना में PCOD ट्रीटमेंट और गणपति अस्पताल की विशेषज्ञ देखभाल के तहत मिलता है।
2. अनियमित भोजन और गलत खानपान
फास्ट फूड, जंक फूड, अत्यधिक चीनी, अनियमित भोजन समय और प्रोसेस्ड आइटम्स का सेवन शरीर में फैट और इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ाता है। इंसुलिन रेजिस्टेंस PCOD का सबसे बड़ा कारण माना जाता है, क्योंकि यह ओवरी फंक्शन को बिगाड़ता है।
सही सलाह और डाइट प्लान के लिए विशेषज्ञों से मिलने का महत्व बढ़ जाता है, जैसा टोहाना में PCOD ट्रीटमेंट और गणपति अस्पताल में उपलब्ध महिलाओं के स्वास्थ्य कार्यक्रमों में शामिल है।
3. बैठकर काम करने की आदत
ज्यादातर महिलाएं दिन का लंबा समय कंप्यूटर या मोबाइल पर बैठकर बिताती हैं। Physical activity कम होने से वजन बढ़ता है और हार्मोनल सिस्टम गड़बड़ा जाता है।PCOD के कई केस सीधे-सीधे बैठकर काम करने वाली आदत से जुड़े होते हैं, जिसे समय पर सुधारना जरूरी है। इसके लिए चिकित्सा देखभाल और नियमित मॉनिटरिंग, जैसे टोहाना में PCOD ट्रीटमेंट और गणपति अस्पताल की विशेषज्ञ सेवाएं, बेहद जरूरी होती हैं।
4. नींद की कमी और खराब रूटीन
नींद शरीर में सभी हार्मोन्स को संतुलित रखने का सबसे महत्वपूर्ण तत्व है। नींद की कमी से ओवरीज का फंक्शन बिगड़ता है, इंसुलिन स्तर अनियंत्रित होता है और फैट बढ़ने लगता है। PCOD को कंट्रोल करने के लिए सोने का सही समय और पर्याप्त आराम महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञ सलाह के साथ इसकी मॉनिटरिंग टोहाना में PCOD ट्रीटमेंट और गणपति अस्पताल की देखरेख का हिस्सा होती है।
5. जेनेटिक और पारिवारिक कारण
यदि घर में मां या बहन को PCOD रहा है, तो इस स्थिति का खतरा काफी बढ़ जाता है। 25-35 वर्ष की उम्र में महिलाएं जब उच्च तनाव, गलत खानपान और अनियमित लाइफस्टाइल अपनाती हैं, तो जेनेटिक कारणों से PCOD और तेजी से उभरता है।
इस स्थिति में समय रहते जांच, अल्ट्रासाउंड और सही इलाज जैसे टोहाना में PCOD ट्रीटमेंट और गणपति अस्पताल में उपलब्ध विशेषज्ञ सेवाएं बेहद आवश्यक हो जाती हैं।
PCOD के आम लक्षण जिन्हें कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए
- पीरियड्स अनियमित होना
- वजन तेजी से बढ़ना
- चेहरे और शरीर पर अनचाहे बाल
- चेहरे पर दाने
- गर्भधारण में कठिनाई
- बालों का झड़ना
- लगातार थकान और मूड स्विंग
यदि ये लक्षण लगातार दिखाई दें, तो तुरंत विशेषज्ञ से संपर्क करें।
PCOD को बढ़ने से कैसे रोकें?
1. नियमित एक्सरसाइज करें
रोजाना 30-40 मिनट की वॉक या योग हार्मोन संतुलित रखने में मदद करते हैं।
2. संतुलित और हेल्दी डाइट लें
कम चीनी, अधिक फाइबर और प्राकृतिक भोजन अपनाएं।
3. तनाव कम करें
मेडिटेशन, योग और पर्याप्त नींद बेहद जरूरी है।
4. वजन नियंत्रण में रखें
PCOD का 50% नियंत्रण वजन पर निर्भर करता है।
5. नियमित मेडिकल चेकअप
सही निदान और इलाज के लिए टोहाना में PCOD ट्रीटमेंट और गणपति अस्पताल की विशेषज्ञ सेवाएं अत्यंत लाभकारी हैं।
निष्कर्ष
25–35 वर्ष की महिलाओं में PCOD बढ़ने का सबसे बड़ा कारण है आधुनिक जीवनशैली, तनाव, अनियमित भोजन और हार्मोनल असंतुलन। इस समस्या को हल करने के लिए समय पर जांच, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और विशेषज्ञ उपचार बेहद महत्वपूर्ण है।
सही देखभाल और मॉनिटरिंग के साथ यह समस्या पूरी तरह नियंत्रित की जा सकती है। महिलाएं अपनी सेहत सुरक्षित रखने के लिए टोहाना में PCOD ट्रीटमेंट और गणपति अस्पताल की विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं का लाभ अवश्य लें।

