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फैटी लिवर भारत में क्यों बढ़ रहा है? कारण, लक्षण और बचाव

फैटी लिवर का इलाज टोहाना

भारत में फैटी लिवर एक तेजी से बढ़ती हुई स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है। पहले यह समस्या मुख्य रूप से शराब का सेवन करने वालों में देखी जाती थी, लेकिन अब बिना शराब पीने वाले लोगों में भी फैटी लिवर तेजी से बढ़ रहा है। बदलती जीवनशैली, उच्च कैलोरी वाला भोजन, तनाव और बैठकर काम करने की आदत इसके प्रमुख कारण बन गए हैं। बढ़ते मामलों को देखते हुए समय पर जांच और सही चिकित्सा, जैसे फैटी लिवर का इलाज टोहाना और गणपति अस्पताल, मरीजों के लिए और भी महत्वपूर्ण हो गया है।

फैटी लिवर क्या है?

जब लिवर में सामान्य मात्रा से अधिक चर्बी जमा होने लगती है, तो इसे फैटी लिवर कहा जाता है। यदि यह चर्बी 5 से 10 प्रतिशत से अधिक हो जाए, तो लिवर की कार्यक्षमता प्रभावित होने लगती है। समय पर इलाज न मिलने पर यह स्थिति आगे चलकर लिवर सूजन, लिवर फाइब्रोसिस या सिरोसिस जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है।
इसलिए समय रहते सही निदान और उपचार, जैसे फैटी लिवर का इलाज टोहाना और गणपति अस्पताल, बेहद आवश्यक है।

भारत में फैटी लिवर क्यों बढ़ रहा है?

1. गलत खानपान और प्रोसेस्ड फूड का सेवन

आजकल भारतीय खानपान में प्रोसेस्ड फूड, तली हुई चीजें, जंक फूड और चीनी का सेवन बहुत बढ़ गया है। ऐसे आहार से लिवर पर अत्यधिक दबाव पड़ता है और उसमें चर्बी जमा होने लगती है।
स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने के लिए सही भोजन और समय पर जांच जरूरी है, जैसा फैटी लिवर का इलाज टोहाना और गणपति अस्पताल की सलाह में शामिल है।

2. मोटापा और इंसुलिन रेजिस्टेंस

मोटापा फैटी लिवर का सबसे बड़ा कारण माना जाता है। मोटे लोगों में इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ने से लिवर चर्बी को सही से तोड़ नहीं पाता, जिससे फैटी लिवर विकसित हो जाता है।
इस स्थिति में विशेषज्ञ उपचार और लाइफस्टाइल बदलाव, जैसा फैटी लिवर का इलाज टोहाना और गणपति अस्पताल में उपलब्ध है, बेहद मददगार होता है।

3. बैठकर काम करने की आदत

लंबे समय तक एक ही जगह बैठे रहने से शरीर में मेटाबॉलिज्म कमजोर होता है, और लिवर में चर्बी जमा होने लगती है। यह आदत आज के युवाओं और कामकाजी लोगों में बहुत सामान्य है।
फिजिकल एक्टिविटी बढ़ाना और नियमित जांच करवाना फैटी लिवर को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाता है।

4. तनाव और नींद की कमी

तनाव शरीर में हार्मोन्स को असंतुलित करता है और लिवर की क्षमता को कमजोर करता है। नींद की कमी भी लिवर पर नकारात्मक प्रभाव डालती है।
सही सलाह और चिकित्सा लेने के लिए मरीजों को विशेषज्ञ उपचार जैसे फैटी लिवर का इलाज टोहाना और गणपति अस्पताल की ओर रुख करना चाहिए।

फैटी लिवर के लक्षण जिन्हें अक्सर नजरअंदाज किया जाता है

  • पेट के दाहिनी ओर भारीपन
  • भूख कम लगना
  • थकान और कमजोरी
  • पाचन खराब होना
  • पेट फूलना
  • जल्दी थक जाना

अधिकतर लोग इन लक्षणों को सामान्य गैस या अपच समझकर अनदेखा कर देते हैं, लेकिन यह फैटी लिवर के शुरुआती संकेत हो सकते हैं।

फैटी लिवर से बचाव कैसे करें?
1. स्वस्थ खानपान अपनाएं

फाइबर युक्त भोजन, कम तेल, कम चीनी और घर का ताजा खाना लिवर की सुरक्षा के लिए सबसे महत्वपूर्ण है।

2. रोजाना 30 मिनट एक्सरसाइज करें

नियमित व्यायाम लिवर में जमा चर्बी को कम करने में मदद करता है और मेटाबॉलिज्म को सुधारता है।

3. वजन नियंत्रण में रखें

वजन बढ़ना फैटी लिवर का मुख्य कारण है, इसलिए वजन को नियंत्रित रखना आवश्यक है।

4. शराब से दूरी बनाएं

शराब का अत्यधिक सेवन लिवर को तेजी से नुकसान पहुंचाता है, इसलिए इससे बचना जरूरी है।

5. नियमित जांच करवाएं

समय पर जांच और विशेषज्ञ सलाह के लिए फैटी लिवर का इलाज टोहाना और गणपति अस्पताल जैसे विश्वसनीय चिकित्सा केंद्रों से संपर्क करना चाहिए।

निष्कर्ष

फैटी लिवर भारत में तेजी से बढ़ रहा है और इसका मुख्य कारण है बदलती जीवनशैली, गलत खानपान, तनाव और अत्यधिक बैठकर काम करने की आदत। यदि इसके शुरुआती लक्षणों को अनदेखा कर दिया जाए, तो यह गंभीर लिवर बीमारियों में बदल सकता है।
लिवर को स्वस्थ रखने के लिए समय पर जांच, सही आहार और नियमित व्यायाम बेहद महत्वपूर्ण है। सही निदान और विशेषज्ञ देखभाल के लिए फैटी लिवर का इलाज टोहाना और गणपति अस्पताल एक विश्वसनीय और सुरक्षित विकल्प हैं।

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