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पानी कम पीने से किडनी पर असर: जानिए क्यों यह आदत खतरनाक है

पानी कम पीने से किडनी पर असर

पानी पीना हमारी रोज़मर्रा की सबसे सामान्य आदतों में से एक है, लेकिन यही आदत जब बिगड़ती है तो शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को गंभीर नुकसान पहुँचा सकती है। बहुत से लोग दिनभर काम, यात्रा या व्यस्त दिनचर्या के कारण पर्याप्त पानी नहीं पीते। वे यह नहीं समझ पाते कि पानी कम पीने से किडनी पर असर धीरे-धीरे बढ़ता है और आगे चलकर गंभीर किडनी रोग का कारण बन सकता है।

किडनी हमारे शरीर का फ़िल्टर है। यह खून को साफ करती है, विषैले तत्वों को बाहर निकालती है और शरीर में पानी व नमक का संतुलन बनाए रखती है। जब शरीर को पर्याप्त पानी नहीं मिलता, तो किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ने लगता है।

किडनी और पानी का गहरा संबंध

किडनी का सही ढंग से काम करना पानी पर निर्भर करता है। पर्याप्त पानी मिलने पर किडनी आसानी से टॉक्सिन्स को पेशाब के माध्यम से बाहर निकाल देती है। लेकिन जब पानी कम होता है, तो पेशाब गाढ़ा हो जाता है और गंदे तत्व किडनी में जमा होने लगते हैं। यही वजह है कि पानी कम पीने से किडनी पर असर सीधे और लंबे समय तक देखने को मिलता है।

पानी कम पीने से किडनी को होने वाले प्रमुख नुकसान

1. किडनी स्टोन बनने का खतरा

पानी कम पीने पर मिनरल्स और नमक पेशाब में जमने लगते हैं। इससे किडनी स्टोन बनने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। यह सबसे आम उदाहरण है कि पानी कम पीने से किडनी पर असर कैसे दिखाई देता है।

2. किडनी इंफेक्शन

कम पानी पीने से पेशाब कम बनता है। इससे बैक्टीरिया बाहर नहीं निकल पाते और यूरिन इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। बार-बार इंफेक्शन होने से किडनी को स्थायी नुकसान पहुँच सकता है।

3. किडनी की कार्यक्षमता में कमी

लंबे समय तक पानी की कमी रहने से किडनी ठीक से खून साफ नहीं कर पाती। धीरे-धीरे इसकी कार्यक्षमता कम होने लगती है, जो आगे चलकर क्रॉनिक किडनी डिजीज का रूप ले सकती है।

4. शरीर में विषैले तत्वों का जमाव

किडनी का मुख्य काम शरीर से टॉक्सिन्स निकालना है। पानी कम होने पर ये टॉक्सिन्स शरीर में जमा होने लगते हैं, जिससे कमजोरी, थकान और सूजन जैसी समस्याएँ होने लगती हैं। यह साफ संकेत है कि पानी कम पीने से किडनी पर असर पूरे शरीर पर पड़ता है।

शुरुआती लक्षण जिन्हें नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए

अक्सर लोग तब तक सतर्क नहीं होते, जब तक समस्या बढ़ नहीं जाती। जबकि पानी कम पीने से किडनी पर असर के शुरुआती संकेत पहले ही दिखाई देने लगते हैं, जैसे:

  • पेशाब का रंग गहरा होना
  • पेशाब कम आना
  • बार-बार थकान महसूस होना
  • पैरों या चेहरे पर सूजन
  • मुंह सूखना

इन लक्षणों को मामूली समझकर अनदेखा करना आगे चलकर गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है।

डायबिटीज और हाई बीपी वालों के लिए ज्यादा खतरा

डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित लोगों की किडनी पहले से ही संवेदनशील होती है। ऐसे में अगर वे पानी कम पीते हैं, तो किडनी को नुकसान तेजी से बढ़ सकता है।
इन लोगों के लिए यह समझना और भी ज़रूरी है कि पानी कम पीने से किडनी पर असर कितना खतरनाक हो सकता है।

रोज़ कितना पानी पीना चाहिए?

पानी की सही मात्रा व्यक्ति की उम्र, वजन, मौसम और काम पर निर्भर करती है, लेकिन सामान्य रूप से:

  • दिन में 8–10 गिलास पानी
  • गर्मी, एक्सरसाइज़ या मेहनत वाले काम में इससे अधिक

पीना किडनी को स्वस्थ रखने के लिए फायदेमंद माना जाता है।

किडनी को सुरक्षित रखने के आसान उपाय

किडनी को लंबे समय तक स्वस्थ रखने के लिए कुछ सरल आदतें अपनाई जा सकती हैं:

  • नियमित अंतराल पर पानी पीते रहें
    • प्यास लगने का इंतज़ार न करें
    • ज्यादा नमक और प्रोसेस्ड फूड से बचें
    • पेशाब रोकने की आदत न डालें
    • समय-समय पर किडनी की जांच कराएं

ये आदतें पानी कम पीने से किडनी पर असर को काफी हद तक कम कर सकती हैं।

कब डॉक्टर से संपर्क करें?

अगर आपको लंबे समय से-

  • पेशाब में बदलाव
  • बार-बार सूजन
  • अत्यधिक थकान
  • या किडनी से जुड़ी परेशानी

हो रही है, तो देर न करें।

Ganpati Healthcare – किडनी केयर विभाग में किडनी से जुड़ी समस्याओं की सही जांच और समय पर मार्गदर्शन उपलब्ध है।

निष्कर्ष

पानी पीना एक छोटी-सी आदत लग सकती है, लेकिन इसका असर जीवनभर रहता है। अब जब आप समझ चुके हैं कि पानी कम पीने से किडनी पर असर कितना गंभीर हो सकता है, तो आज से ही अपनी पानी पीने की आदत सुधारना ज़रूरी है।

आज पर्याप्त पानी, कल स्वस्थ किडनी।

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